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डेंगू के डंक से अब तक 14 की मौत, नहीं जाग रहा प्रशासन, आखिर कितनी मौतों के बाद होगा असर?

भिलाई नगर- योगेश

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भिलाई। शहर में डेंगू से लगातार मौत हो रही है।  इसका असर कितना ज्यादा है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 18 घंटे में ही खुर्सीपार इलाके के 3 बच्चों सहित एक युवक की मौत हो गई है। लगातार शहर में बच्चों की मौत से लोग दहशत में  हैं। शहर में डेंगू के प्रकोप के रोकथाम के लिए जिला और निगम प्रशासन कई प्रकार के वादे कर रहा है  लेकिन ये वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित है.. वार्ड की सफाई, कीटरनाशक का छिड़काव कराने के साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज और जांच की बेहतर सुविधा की बात तो हो रही है । लेकिन प्रशासन की इन सारे दावों पर डेंगू का डंक भारी है। इसी का परिणाम है कि शहर में लगातार लोग डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की माने तो अब तक 172 से भी अधिक लोगों डेंगू से पीड़ित पाए जा चुके है, ये वो लोग है, जो भिलाई अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा 60 से अधिक लोग ऐसे है जो सीधे राजधानी के बड़े अस्पतालों में भर्ती में हैं। यही नहीं शहर के दूसरे अस्पतालों में 354 से अधिक मरीज भर्ती हैं। जो डेंगू के संभावित मरीज है। डेंगू के प्रकोप से मरने वालों में अधिकांश लोग खुर्सीपार और छावनी इलाके के ही रहने वाले है। सिर्फ एक बच्ची सुपेला की रहने वाली थी।

इन मासूमों की हुई डेंगू की मौत

1.दिनेश दलाई पिता संतोष । वार्ड 29 केएलसी क्वाटर नंबर 38/ए का निवासी है। 7 वर्षीय दिनेश वार्ड के ही मौर्या शिशु मंदिर में कक्षा 1 का छात्र था। इसके पिता ट्रक मैकेनिक है। संतोष के दो संतान है बेटा दिनेश बड़ा था और बेटी छोटी है।

2.प्रियंका पिता चदन प्रसाद। यह वार्ड 37 सड़क नंबर 12 की निवासी थी।  साढ़े 4 वर्षीय प्रियंका नर्सरी की छात्रा थी। पिता बीएसपी में ठेका मजदूरी का काम करते हैं। सोमवार को तबीयत बिगड़ने पर इसे परिजनों ने चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने मंगलवार को रायपुर रिफर कर दिया। बुधवार  को रायपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान इसकी मौत हो गई..

 3. टोमेंद्र सेन पिता अर्जुन ठाकुर। वार्ड 29 राजीव नगर अशोक चौक निवासी है। 21 वर्षीय टोमेंद्र डीआर इंडस्ट्रीज में काम करता था। बीते शुक्रवार को इसकी तबीयत बिगड़ी थी, इसे परिजनों ने पहले स्पर्श हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां के डॉक्टरों ने दो दिन इलाज के बाद रायपुर रिफर कर दिया .. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

4. मीमांसा माही पिता अनिल साखरे। खुर्सीपार निवासी मीमांसी की तबीयत बगड़ने पर परिजनों ने उसे सोमवार को सेक्टर 9 अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसका इलाज चल रहा था।  लेकिन बीपी लो होने के कारण  इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वह इंदूआईटी की कक्षा 7 वीं की छात्रा थी। 

कब शुुरु हुआ डेंगू की मौतों का सिलसिला ?

31 जुलाई को खुर्सीपार निवासी 9 वर्षीय साईं साहू की सेक्टर 9 अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

3 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे वार्ड 28 छावनी निवासी बिरेंद्र साहू के 9 वर्षीय पुत्र रौनक साहू की मौत हो गई।

4 अगस्त की देर रात को न्यू खुर्सीपार गुरुद्वारा लाइन निवासी विक्की ब्रह्मे की मौत हो गई।

6 अगस्त को कैंप 1 आजाद नगर निवासी महेश राय के 8 वर्षीय पुत्र रविकिशन की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई।

7 अगस्त शाम को चिंगरी पारा सुपेला पांच रास्ता निवासी 9 वर्षीय दीपाली कौर पिता अवतार सिंह की बीएम शाह अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

जहां मौत हुई, वहां 3 बच्चे और एक महिला बीमार

वार्ड 29 राजीव नगर अशोक चौक निवासी टोमेंद्र सेन की डेंगू से मौत हो गई है। यहां पड़ोस के घरों में भी लोग डेंगू से बीमार है। रजनी यादव ने बताया कि उसका 5 साल का बेटा नवीन को तीन दिन से बुखार है। वो अस्पताल गई थी, लेकिन भीड़ होने के कारण अस्पताल के स्टाफ ने उसे 3 दिन बाद बुलाया है। इसके अलावा मीना साहू की बेटी यामिनी साहू 10 वर्षीय, इसी परिवार में भगवती साहू करीब 20 वर्ष और मधु यादव का बेटा हरिश को भी तीन दिन से बुखार है..

मोबाइल तिहार मना निगम प्रशासन

शहर में डेंगू फैला है। बच्चों डेंगू का शिकार हो रहे हैं। वहीं निगम प्रशासन मोबाइल तिहार मना रहा है। गुरूवार को डेंगू ने शहर के 3 बच्चे और 1 युवक की जान ले ली और निगम कमिश्नर केएल चौहान है कि दिन भर मोबाइल त्याेहार मनाने में जुटे रहे । मृतकों के परिजनों से मिलने और उनके वार्ड का निरीक्षण करने की भी कोशिश नहीं की गई.

354 में 172 लोग डेंगू पाजिटिव

शहर के सरकारी अस्पताल के साथ ही शहर के विभिन्न प्राइवेट अस्पताल में 200 से अधिक मरीज भर्ती है। स्वास्थ्य विभाग सभी मरीजों का खुद सैम्पल मंगाकर जांच कराने के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज भेज रही है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो 31 जुलाई से अब तक स्वास्थ्य विभाग ने 354 डेंगू के संभावित मरीजों का ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा था। इसमें से अबतक 172 लोग डेंगू के पाजिटिव पाए गए हैं। आज 75 लोगों का जांच रिपोर्ट आया है।

जानिए कहां कितने मरीज भर्ती

47 मरीज सेक्टर 9 अस्पताल में।

14 मरीज जिला अस्पताल दुर्ग में।

18 मरीज सुपेला लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में।

25 मरीज स्पर्स अस्पताल में।

19 मरीज चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में।

11 चंदुलाल मेडिकल कॉलेज में।

8 शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में ।

19 मरीज बीएम शाह अस्पताल में।

2 गायत्री और 1 अपोलो अस्पताल में।

95 प्रतिशत घरों के कूलरों में डेंगू के लार्वा

मलेरिया अधिकारी डॉ.मंडल ने बताया कि वे पीजी नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल से बात कर 100 छात्राओं की मदद लेकर सेक्टर इलाकें में अभियान चलाया। छात्राएं घर-घर जाकर लोगों का चेकअप करने के साथ ही कूलरों की सफाई भी कराने में मदद की। इस दौरान देखा गया कि 95 प्रतिशत मकानों में डेंगू के लार्वा पल रहे हैं। जिसे खाली कराया गया। डॉ. मंडल का कहना है कि यदि ये लार्वा मच्छर बन गए तो डेंगू को रोक पाना मुश्कील है।

अब जान लिजिए जिम्मेदारों का जवाब ?

देवेंद्र यादव , मेयर,  भिलाई नगर

0 शहर में डेंगू का प्रकोप फैला है आप की सरकार क्या कर रही है?

0 मैं खुद घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहा हूं। कूलरों का पानी खाली कराकर कीटनाशक का छिड़काव करा रहा हूं। हम डेंगू से निपटने हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

0 तो फिर डेंगू का कहर थमने का नाम क्यों नहीं ले रही?

0 शासन-प्रशासन का पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है। अस्पतालों में मरीजों के इलाज और जांच के लिए कोई खास सुविधा नहीं थी। मरीजों को वापस कर दे रहे थे। मैं खुद जाकर हाथ जोड़ कर अस्पताल में व्यवस्था करने कहां। तब थोड़ी राहत मिली है।

0 क्या निगम के अधिकारी अपनी पूरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं?

00 पूरी तो नहीं लेकिन प्रयास कर रहे हैं। लेकिन रोज जितने कर्मचारी काम करते हैं, उतने ही काम करेंगे तो कहां से रिजल्ट दिखेगा। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी और युद्ध स्तर पर काम करना होगा।

0 डेंगू से 9 लोगों की मौत हो गई, इसका जिम्मेदार कोन है?

0 मुझे लगता है कि अभी जिम्मेदार ठहराने और आरोप लगाने का समय नहीं है। यह समय है दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने का है।इस लिए मैं खुद जुटा हूं और न ही किसी पर आरोप लगाता हूं और जो लगा रहे हैं, उन्हें भी यह समझना चाहिए।

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