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बड़ी खबर-उमेश पटेल के गांव में शौचालय घोटाला, सरपंच-सचिव ने डकारे पैसे,पटेल पर घोटाले का गंभीर आरोप

वेब डेस्क

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खरसिया-विधायक उमेश पटेल के गृह ग्राम नन्देली में 29 लाख से अधिक का टॉयलेट घोटाला हो गया और उमेश पटेल मामले को दबाने के लिए उसपर लीपापोती कर रहे है। मामले का खुलासा तब हुआ जब उमेश पटेल ने एक कार्यक्रम के दौरान पूछे गए सवाल के जबाब में नन्देली के ओडीएफ न होने का ठीकरा सरकार पर फोड़ते हुए कहा था कि सरकार ने टॉयलेट निर्माण की दूसरी क़िस्त जारी न होना है जिस पर दस्तावेज खंगाले गए तो विधायक के गांव में ही 29 लाख के टॉयलेट घोटाले का भंडाफोड़ हो गया।

भाजपा नेता आलोक सिंह ने उमेश पटेल पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जो विधायक अपने गांव की जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ न दिला सके उससे विधानसभा क्षेत्र के विकास की अपेक्षा करना ही बेमानी है। आलोक सिंह ने मीडिया को दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए कहा कि जनपद पंचायत रायगढ़ ने ग्राम जल एवम स्वच्छता समिति नन्देली के नाम पर 19 मई 2015 को स्टेट बैंक आफ इंडिया के चेक क्रमांक 957164 के माध्यम से 29 लाख 82 हजार रुपये का चेक जारी किया था ताकि नन्देली की माता बहनें और जनता को खुले में शौच की शर्मिंदगी से बचाया जा सके और ग्राम खुले से शौच मुक्त हो। मगर इस राशि का उपयोग बंदरबांट की भेंट चढ़ गया। न तो नन्देली में शौच घर बने और न ही नन्देली ओडीएफ घोषित हुआ।

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पिछले तीन साल में जल एवम स्वच्छता समिति के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रायगढ़ ने चार नोटिस सरपंच एवं सचिव को जारी की। उनसे बार – बार कार्यपूर्णता तथा उपयोगिता प्रमाणपत्र निर्धारित प्रपत्र में भरकर फोटोग्राफ सहित जमा कराने को कहा। नोटिस में बार-बार यह कहा गया कि आपके द्वारा उक्त कार्य को पूर्ण नही कराने के कारण उनको विकासखंड स्तर से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रेषित करने में अवरोध उत्पन्न हो रहा है।उनका इस प्रकार का कार्य के प्रति लापरवाही कार्य के प्रति उदासीनता कदाचरण की श्रेणी में आता है। नोटिस में अनुशासनात्मक कार्यवाही की बात भी की गई है मगर सम्भतः यह विधायक का संरक्षण का परिणाम ही था कि न तो सरपंच सचिव ने नन्देली में कोई टॉयलेट बनवाये और न ही उपयोगिता प्रमाणपत्र ही दिया। दूसरी तरफ विधायक उमेश पटेल इस घोटाले को छुपाने की नीयत से सार्वजनिक मंच से शौचालय न बनने का कारण शासन से पैसा न मिलना बता रहे है।

यह गौरतलब है कि नन्देली में 443 बीपीएल परिवार एवं 54 एपीएल परिवार के कुल 497 शौचालय बनवाये जाने थे जिनको राशि आबंटन के पश्चात एक माह के भीतर 100 प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए थे मगर आजपर्यंत तक नन्देली जनता खुले में शौच के लिए विवश है जो विधायक उमेश पटेल की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का परिचायक है।

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